• अन्नछत्र

    अन्न परब्रम्ह है! ऐसा कहा जाता है कि अन्नदान श्रेष्ठ दान है! इसलिये अन्नदान की व्याप्ती बहुत बडी है I पृथ्वीतल के मानव सहित सभी प्राणीयोंको अन्न की आवश्यकता होती है I अन्न के ग्रहण से पेट की भूख शांत होती है I अन्न में साक्षात भगवान का वास होता है और इसीलिये महाप्रसाद स्वरूप अन्न के ग्रहण से मानव तृप्त हो जाता है I उसे एक अलग ही समाधान प्राप्त होता है I इस वक्त अन्नछत्र में रोजाना १५,००० से ज्यादा श्रद्धालू एक वक्त महाप्रसाद भोजन का लाभ उठाते है I

  • अन्नछत्र

    अन्न परब्रम्ह है! ऐसा कहा जाता है कि अन्नदान श्रेष्ठ दान है! इसलिये अन्नदान की व्याप्ती बहुत बडी है I पृथ्वीतल के मानव सहित सभी प्राणीयोंको अन्न की आवश्यकता होती है I अन्न के ग्रहण से पेट की भूख शांत होती है I अन्न में साक्षात भगवान का वास होता है और इसीलिये महाप्रसाद स्वरूप अन्न के ग्रहण से मानव तृप्त हो जाता है I उसे एक अलग ही समाधान प्राप्त होता है I इस वक्त अन्नछत्र में रोजाना १५,००० से ज्यादा श्रद्धालू एक वक्त महाप्रसाद भोजन का लाभ उठाते है I

  • अन्नछत्र

    अन्न परब्रम्ह है! ऐसा कहा जाता है कि अन्नदान श्रेष्ठ दान है! इसलिये अन्नदान की व्याप्ती बहुत बडी है I पृथ्वीतल के मानव सहित सभी प्राणीयोंको अन्न की आवश्यकता होती है I अन्न के ग्रहण से पेट की भूख शांत होती है I अन्न में साक्षात भगवान का वास होता है और इसीलिये महाप्रसाद स्वरूप अन्न के ग्रहण से मानव तृप्त हो जाता है I उसे एक अलग ही समाधान प्राप्त होता है I इस वक्त अन्नछत्र में रोजाना १५,००० से ज्यादा श्रद्धालू एक वक्त महाप्रसाद भोजन का लाभ उठाते है I

  • अन्नछत्र

    अन्न परब्रम्ह है! ऐसा कहा जाता है कि अन्नदान श्रेष्ठ दान है! इसलिये अन्नदान की व्याप्ती बहुत बडी है I पृथ्वीतल के मानव सहित सभी प्राणीयोंको अन्न की आवश्यकता होती है I अन्न के ग्रहण से पेट की भूख शांत होती है I अन्न में साक्षात भगवान का वास होता है और इसीलिये महाप्रसाद स्वरूप अन्न के ग्रहण से मानव तृप्त हो जाता है I उसे एक अलग ही समाधान प्राप्त होता है I इस वक्त अन्नछत्र में रोजाना १५,००० से ज्यादा श्रद्धालू एक वक्त महाप्रसाद भोजन का लाभ उठाते है I

  • अन्नछत्र का भक्तिपूर्ण और प्रेरणामयी परिसर

    अन्नछत्र परिसर में आनेके बाद भक्तजनोंको परिसर में भक्तिपूर्णता और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव होता है I महाराष्ट्र के शक्तीस्थान और भगवान स्वरूप माने जाने वाले छत्रपती श्री शिवाजी महाराज की प्रतिमा इस वातावरण को और शोभा देती है I

  • अन्नछत्र का भक्तिपूर्ण और आध्यात्मिक परिसर

    अन्नछत्र परिसर में आने पर श्रद्धालूओंको पूरा परिसर भक्तिपूर्ण और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव होता है I श्री स्वामी समर्थ महाराज की ३० फीट लंबी मूर्ती, बरगद के पेड के नीचे स्थित उनकी वात्सल्य मूर्ती, कपिला गाय, और दीप स्तंभ श्रद्धालूओंको आकर्षित करते है I परिसर में इन मूर्तीयोंकी वजह से चैतन्य और स्फूर्ती छायी रहती है I

  • अन्नछत्र का भक्तिपूर्ण और आध्यात्मिक परिसर

    अन्नछत्र परिसर में आने पर श्रद्धालूओंको पूरा परिसर भक्तिपूर्ण और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव होता है I श्री स्वामी समर्थ महाराज की ३० फीट लंबी मूर्ती, बरगद के पेड के नीचे स्थित उनकी वात्सल्य मूर्ती, कपिला गाय, और दीप स्तंभ श्रद्धालूओंको आकर्षित करते है I परिसर में इन मूर्तीयोंकी वजह से चैतन्य और स्फूर्ती छायी रहती है I

  • अन्नछत्र का भक्तिपूर्ण और आध्यात्मिक परिसर

    अन्नछत्र परिसर में आने पर श्रद्धालूओंको पूरा परिसर भक्तिपूर्ण और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव होता है I श्री स्वामी समर्थ महाराज की ३० फीट लंबी मूर्ती, बरगद के पेड के नीचे स्थित उनकी वात्सल्य मूर्ती, कपिला गाय, और दीप स्तंभ श्रद्धालूओंको आकर्षित करते है I परिसर में इन मूर्तीयोंकी वजह से चैतन्य और स्फूर्ती छायी रहती है I

  • अन्नछत्र का भक्तिपूर्ण और आध्यात्मिक परिसर

    अन्नछत्र परिसर में आने पर श्रद्धालूओंको पूरा परिसर भक्तिपूर्ण और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव होता है I श्री स्वामी समर्थ महाराज की ३० फीट लंबी मूर्ती, बरगद के पेड के नीचे स्थित उनकी वात्सल्य मूर्ती, कपिला गाय, और दीप स्तंभ श्रद्धालूओंको आकर्षित करते है I परिसर में इन मूर्तीयोंकी वजह से चैतन्य और स्फूर्ती छायी रहती है I

  • अंदरुनी सडके

    श्री स्वामी समर्थ अन्नछत्र मंडल में आनेवाले श्रद्धालू और उनके वाहनोंके लिए चौडी अंदरुनी सडके और बडे पार्किंग स्थल की सुविधा की गयी है I सारी सडके आधुनिक टार रोड प्रणाली से बनायी गयी है और किसीभी ऋतू में कोई भी परेशानी न हो इसका पूरा पूरा खयाल रखा गया है I

  • अंदरुनी सडके

    श्री स्वामी समर्थ अन्नछत्र मंडल में आनेवाले श्रद्धालू और उनके वाहनोंके लिए चौडी अंदरुनी सडके और बडे पार्किंग स्थल की सुविधा की गयी है I सारी सडके आधुनिक टार रोड प्रणाली से बनायी गयी है और किसीभी ऋतू में कोई भी परेशानी न हो इसका पूरा पूरा खयाल रखा गया है I

  • पाथवे तथा लाईट पोल

    श्री स्वामी समर्थ अन्नछत्र मंडल में आनेवाले भाविकों को आनेजाने के लिए स्वतंत्र आधुनिक पाथवे और लॉंन की सुविधा करायी गयी है I पुरा लॉंन आधुनिक प्रणाली के पेव्हर ब्लॉक और बिजली की आकर्षक सजावट से सजाया गया है I इस वातावरण से श्रद्धालूओंको प्रसन्नता प्राप्त हो इसका पूरा खयाल रखा गया है I

  • पाथवे तथा लाईट पोल

    श्री स्वामी समर्थ अन्नछत्र मंडल में आनेवाले भाविकों को आनेजाने के लिए स्वतंत्र आधुनिक पाथवे और लॉंन की सुविधा करायी गयी है I पुरा लॉंन आधुनिक प्रणाली के पेव्हर ब्लॉक और बिजली की आकर्षक सजावट से सजाया गया है I इस वातावरण से श्रद्धालूओंको प्रसन्नता प्राप्त हो इसका पूरा खयाल रखा गया है I

  • नियोजनबध्द कर्मचारी गण

    महाप्रसाद की व्यवस्था नियोजन से और अनुशासन से चलने के लिए ४ व्यवस्थापक नियुक्त है I उनकी सुपरव्हिजन में यह कार्य संपन्न होता है I महाप्रसाद भोजन के लिए बैठने के बाद भक्तोंको थाली, कटोरी, ग्लास, आदि देने के लिये २०० से ज्यादा कर्मचारी गण सेवा में होते है I वे महाप्रसाद भोजन परोसने का काम बहुत नियोजन और अनुशासन से करते है I किचन में ५० से ज्यादा महिलाए रोटीयां बनाने का काम बहुत श्रद्धापूर्वक करती है I

  • श्रद्धालूओं की सुविधा और प्रवास मार्ग

    २९ जुलाई १९८८ को श्री गुरुपौर्णिमा के शुभ अवसर पर अन्नछत्र की शुरुवात हुयी थी I इस अन्नछत्र का नामकरण "श्री स्वामी समर्थ अन्नछत्र मंडल अक्कलकोट" किया गया I अक्कलकोट शहर महाराष्ट्र के सोलापूर जिले में स्थित है I यह तहसील है और महाराष्ट्र और कर्नाटक राज्योंकी सीमा पर स्थित है I आप अक्कलकोट बस या ट्रेन रूट से पहुच सकते है I सोलापूर, नलदुर्ग, गुलबर्गा, गाणगापूर, अफजलपूर मार्ग से यहां पहुंचा जा सकता है I

  • शिवस्मारक (गड किले सृष्टी) का निर्माण

    गानसम्राज्ञी लता मंगेशकरजी ने अन्नछत्र परिसर में शिवस्मारक बनाने की इच्छा प्रकट की थी I आदरणीय श्रीमान बाबासाहेब पुरंदरे जी के मार्गदर्शन से आदरणीय श्रीमान जन्मेजयराजे विजयसिंहराजे भोसलेजी ने यहां भव्य शिवस्मारक (गड किले सृष्टी) का निर्माण करवाया है I दिव्य इतिहास का स्मरण करवाने वाली यह शिवसृष्टी अन्नछत्र के अनेक कार्योमें से एक है और अन्नछत्र की दिव्य कार्य में एक माईलस्टोन की तरह जाना जाता है I

  • शिवस्मारक (गड किले सृष्टी) का निर्माण

    गानसम्राज्ञी लता मंगेशकरजी ने अन्नछत्र परिसर में शिवस्मारक बनाने की इच्छा प्रकट की थी I आदरणीय श्रीमान बाबासाहेब पुरंदरे जी के मार्गदर्शन से आदरणीय श्रीमान जन्मेजयराजे विजयसिंहराजे भोसलेजी ने यहां भव्य शिवस्मारक (गड किले सृष्टी) का निर्माण करवाया है I दिव्य इतिहास का स्मरण करवाने वाली यह शिवसृष्टी अन्नछत्र के अनेक कार्योमें से एक है और अन्नछत्र की दिव्य कार्य में एक माईलस्टोन की तरह जाना जाता है I

  • सुंदर परिसर

    श्री स्वामी समर्थ अन्नछत्र मंडल में आनेवाले सभी श्रद्धालूओंको परिसर में सुंदरता और नैसर्गिक आनंद का प्राप्त हो, इस सदिच्छा से भव्य शिवस्मारक के सामने आधुनिक फाउंटन का निर्माण किया गया है I

  • सुंदर परिसर

    श्री स्वामी समर्थ अन्नछत्र मंडल में आनेवाले सभी श्रद्धालूओंको परिसर में सुंदरता और नैसर्गिक आनंद का प्राप्त हो, इस सदिच्छा से भव्य शिवस्मारक के सामने आधुनिक फाउंटन का निर्माण किया गया है I

  • अॅम्ब्युलन्स और फायर ब्रिगेड सेवा

    श्री स्वामी समर्थ अन्नछत्र मंडल में भक्तोंकी सेवा के लिए मंडल ने १ अॅम्ब्युलन्स और १ फायर ब्रिगेड वाहन उपलब्ध किया है I यह सेवाए २४ घंटे उपलब्ध है और किसीभी श्रद्धालू को आवश्यकता महसूस होनेपर कुछ ही क्षणो में यह सेवाएँ उनतक पहुंचायी जाती है I

  • ज्येष्ठ नागरीकों के लिये सुविधा

    श्री स्वामी समर्थ अन्नछत्र मंडल में आनेवाले सभी ज्येष्ठ नागरिकोंको पुरे परिसर और मंदिर में ले जाने के लिए विशेष फोर व्हीलर बग्गी की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है I ज्येष्ठ नागरीकों के साथ ही दिव्यांग व्यक्ती, गर्भवती महिलाए, अंध व्यक्ती, इ., श्रद्धालू जन के लिए यह एक अमूल्य मदद साबित होती है I

  • आऊट डोर जिम (खुली व्यायामशाळा)

    श्री स्वामी समर्थ अन्नछत्र मंडल में आनेवाले सभी श्रद्धालूओं तथा अक्कलकोट शहरवासियों में १६ साल से उपर के सभी महिला और पुरुष नागरीकोंके लिये एक आधुनिक तथा परिपूर्ण आउट डोर जिम (खुली व्यायामशाळा) का निर्माण मंडल के परिसर में किया गया है I यह सुविधा मुफ्त में उपलब्ध करायी गयी है I आनेवाले सभी श्रद्धालूओंको इसका लाभ मिले और देखभाल हो इसलिये १ जिम प्रशिक्षक की भी नियुक्ती की गयी है I सर्व स्वामी भक्तों को और शहर के सभी नागरीकों को वह जिम के साधानोंका इस्तमाल कैसे करें इस बारे में सहायता और मार्गदर्शन करते है I

  • आऊट डोर जिम (खुली व्यायामशाळा)

    श्री स्वामी समर्थ अन्नछत्र मंडल में आनेवाले सभी श्रद्धालूओं तथा अक्कलकोट शहरवासियों में १६ साल से उपर के सभी महिला और पुरुष नागरीकोंके लिये एक आधुनिक तथा परिपूर्ण आउट डोर जिम (खुली व्यायामशाळा) का निर्माण मंडल के परिसर में किया गया है I यह सुविधा मुफ्त में उपलब्ध करायी गयी है I आनेवाले सभी श्रद्धालूओंको इसका लाभ मिले और देखभाल हो इसलिये १ जिम प्रशिक्षक की भी नियुक्ती की गयी है I सर्व स्वामी भक्तों को और शहर के सभी नागरीकों को वह जिम के साधानोंका इस्तमाल कैसे करें इस बारे में सहायता और मार्गदर्शन करते है I

  • आऊट डोर जिम (खुली व्यायामशाळा)

    श्री स्वामी समर्थ अन्नछत्र मंडल में आनेवाले सभी श्रद्धालूओं तथा अक्कलकोट शहरवासियों में १६ साल से उपर के सभी महिला और पुरुष नागरीकोंके लिये एक आधुनिक तथा परिपूर्ण आउट डोर जिम (खुली व्यायामशाळा) का निर्माण मंडल के परिसर में किया गया है I यह सुविधा मुफ्त में उपलब्ध करायी गयी है I आनेवाले सभी श्रद्धालूओंको इसका लाभ मिले और देखभाल हो इसलिये १ जिम प्रशिक्षक की भी नियुक्ती की गयी है I सर्व स्वामी भक्तों को और शहर के सभी नागरीकों को वह जिम के साधानोंका इस्तमाल कैसे करें इस बारे में सहायता और मार्गदर्शन करते है I

  • विनम्र आवाहन

    श्री स्वामी समर्थ महाराज के कृपाशीर्वाद, भक्तोंके अपरिमित स्वामी सेवा के रूप में मिलने वाली सहायता और कर्मचारी दल की अविरत सेवा की वजह से अन्नछत्र मंडल का कार्य कुछ ही समय में बहुत विस्तारित हो चुका है I ब्रह्मांडनायक श्री स्वामी समर्थ महाराज के चरणो में अन्नदान के रूप में सेवा अर्पण करने के लिए स्वामी भक्तोंसे निवेदन है कि खुले दिल से मदद करें I

  • अन्नछत्र के लिये स्वतंत्र पानी की व्यवस्था

    स्वामी समर्थ अन्नछत्र में आनेवाले भाविकोंके लिये और स्वामी भक्तोंकी अविरत सेवा में संस्था ने ३ साल पहले २.५ करोड रुपये की लागत से ८ किलोमीटर पर स्थित मौजे बळोरगी में १.५ एकर जमीन लेकर कुआ खोदा और पाईपलाईन के जरिये स्थायीरूप से पानी की व्यवस्था की I अक्कलकोट शहर कम बारिश और पानी की कमी के लिए जाना जाता है I लेकीन अब संस्थान की इस पाईपलाईन की वजह से यहां स्थायी रूप से पानी की सुविधा उपलब्ध है I सामाजिक जिम्मेदारी के एहसास से २ साल पहले सूखे के समय इसी कुंए से पुरे अक्कलकोट शहर को पानी उपलब्ध कराया गया था I

  • प.पू. योगगुरु स्वामी रामदेव बाबा की अन्नछत्र को सदिच्छा भेंट

    प.पू. योगगुरु स्वामी रामदेव बाबा ने अन्नछत्र को सदिच्छा भेंट दी I इस दौरान उन्होने आदरणीय श्री. अमोलराजे भोसले, प्रमुख कार्यकारी विश्वस्त से अन्नछत्र के बारे में जानकारी लेते हुए योगगुरु स्वामी रामदेव बाबा.

  • प.पू. योगगुरु स्वामी रामदेव बाबा की अन्नछत्र को सदिच्छा भेंट

    प.पू. योगगुरु स्वामी रामदेव बाबा ने अन्नछत्र को सदिच्छा भेंट दी I इस दौरान उन्होने आदरणीय श्री. अमोलराजे भोसले, प्रमुख कार्यकारी विश्वस्त से अन्नछत्र के बारे में जानकारी लेते हुए योगगुरु स्वामी रामदेव बाबा.

  • शिव चरित्र धातू चित्र शिल्प प्रदर्शनी हॉल

    इस प्रदर्शन में छत्रपती शिवाजी महाराज के जीवन चरित्र के महत्वपूर्ण एवं मुख्य घटनओंका धातु चित्रोंका समावेश किया हुआ है | प्रदर्शनी में करीबन ८१ धातु चित्रोंका ताम्रपट पे रेखांकन एवं तराशा गया है | इस प्रदर्शनी का उद्घाटन गुरु पौर्णिमा के शुभावसर पर दिनांक २७ जुलाई २०१८ को होकर लोकार्पण किया गया है|

  • शिव चरित्र धातू चित्र शिल्प प्रदर्शन हॉल

    इस प्रदर्शन में छत्रपती शिवाजी महाराज के जीवन चरित्र के महत्वपूर्ण एवं मुख्य घटनओंका धातु चित्रोंका समावेश किया हुआ है | प्रदर्शनी में करीबन ८१ धातु चित्रोंका ताम्रपट पे रेखांकन एवं तराशा गया है | इस प्रदर्शनी का उद्घाटन गुरु पौर्णिमा के शुभावसर पर दिनांक २७ जुलाई २०१८ को होकर लोकार्पण किया गया है|

  • स्वामी समर्थ वाटिका एवं बालोद्यान

    स्वामी समर्थ वाटिका एवं बालोद्यान की निर्मिती ख़ास दुसरे गाँव से आये हुए भक्तोंकेलिये किया गया है | यह अब एक शान्ति विश्रांति स्थल और एक आकर्षण का केंद्रबिंदु बना हुआ है | छोटे बच्चोंकेलिए कुछ खेल साहित्य व् विविधतम प्राणी मात्राओंके पुतले भी स्थापित किये हुए है | भक्तोंके स्वास्थ्य हेतु एक जॉगिंग ट्रॅक की निर्मिती भी की गयी है |

  • स्वामी समर्थ वाटिका एवं बालोद्यान

    स्वामी समर्थ वाटिका एवं बालोद्यान की निर्मिती ख़ास दुसरे गाँव से आये हुए भक्तोंकेलिये किया गया है | यह अब एक शान्ति विश्रांति स्थल और एक आकर्षण का केंद्रबिंदु बना हुआ है | छोटे बच्चोंकेलिए कुछ खेल साहित्य व् विविधतम प्राणी मात्राओंके पुतले भी स्थापित किये हुए है | भक्तोंके स्वास्थ्य हेतु एक जॉगिंग ट्रॅक की निर्मिती भी की गयी है |

  • स्वामी समर्थ वाटिका एवं बालोद्यान

    स्वामी समर्थ वाटिका एवं बालोद्यान की निर्मिती ख़ास दुसरे गाँव से आये हुए भक्तोंकेलिये किया गया है | यह अब एक शान्ति विश्रांति स्थल और एक आकर्षण का केंद्रबिंदु बना हुआ है | छोटे बच्चोंकेलिए कुछ खेल साहित्य व् विविधतम प्राणी मात्राओंके पुतले भी स्थापित किये हुए है | भक्तोंके स्वास्थ्य हेतु एक जॉगिंग ट्रॅक की निर्मिती भी की गयी है |

  • स्वामी समर्थ वाटिका एवं बालोद्यान

    स्वामी समर्थ वाटिका एवं बालोद्यान की निर्मिती ख़ास दुसरे गाँव से आये हुए भक्तोंकेलिये किया गया है | यह अब एक शान्ति विश्रांति स्थल और एक आकर्षण का केंद्रबिंदु बना हुआ है | छोटे बच्चोंकेलिए कुछ खेल साहित्य व् विविधतम प्राणी मात्राओंके पुतले भी स्थापित किये हुए है | भक्तोंके स्वास्थ्य हेतु एक जॉगिंग ट्रॅक की निर्मिती भी की गयी है |

  • स्वामी समर्थ वाटिका एवं बालोद्यान

    स्वामी समर्थ वाटिका एवं बालोद्यान की निर्मिती ख़ास दुसरे गाँव से आये हुए भक्तोंकेलिये किया गया है | यह अब एक शान्ति विश्रांति स्थल और एक आकर्षण का केंद्रबिंदु बना हुआ है | छोटे बच्चोंकेलिए कुछ खेल साहित्य व् विविधतम प्राणी मात्राओंके पुतले भी स्थापित किये हुए है | भक्तोंके स्वास्थ्य हेतु एक जॉगिंग ट्रॅक की निर्मिती भी की गयी है |

  • स्वामी समर्थ वाटिका एवं बालोद्यान

    स्वामी समर्थ वाटिका एवं बालोद्यान की निर्मिती ख़ास दुसरे गाँव से आये हुए भक्तोंकेलिये किया गया है | यह अब एक शान्ति विश्रांति स्थल और एक आकर्षण का केंद्रबिंदु बना हुआ है | छोटे बच्चोंकेलिए कुछ खेल साहित्य व् विविधतम प्राणी मात्राओंके पुतले भी स्थापित किये हुए है | भक्तोंके स्वास्थ्य हेतु एक जॉगिंग ट्रॅक की निर्मिती भी की गयी है |

  • विनम्र आवाहन- संथापक अध्यक्ष श्री.जन्मेजयराजे विजयसिंहराजे भोसले (महाराज)

    अन्नदानाच्या माध्यामातून होत असलेल्या स्वामीकार्यात आपलेही योगदान असावे यासाठी परगांवाहून येणाऱ्या हजारो स्वामीभक्तांच्या महाप्रसादाची व त्यांच्या निवासाच्या व्यवस्थेकरिता आणि श्री स्वामी समर्थांचे पवित्र स्वामीकार्य अखंडीत व अविरतपणे सुरु असावे ह्या करिता स्वामी भक्तांनी अन्नदान व बांधकाम सेवेत मनापासून सहभागी व्हावे हि नम्र विनंती.